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सर्वांगीण विकास ही शिक्षा

भागलपुर बिहार

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गणपत राय सलारपुरिया सरस्वती विद्या मंदिर भागलपुर में शुक्रवार दिनांक 7.1 2022 को संकुल स्तरीय राष्ट्रीय शिक्षा नीति कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ विद्यालय के अध्यक्ष डॉ0 चंद्र भूषण सिंह, अवकाश प्राप्त प्रधानाचार्य चंद्रचूड़ झा, भागलपुर विभाग के विभाग निरीक्षक विनोद कुमार एवं विद्यालय के प्रधानाचार्य नीरज कौशिक के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। शिक्षा नीति के संबंध में विद्यालय के प्रधानाचार्य नीरज कौशिक ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्य को धरातल पर लाने के लिए राष्ट्रीय, क्षेत्रीय, प्रांतीय एवं विभागीय कार्यशाला के उपरांत संकुल स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इस नीति में बालकों के सर्वांगीण विकास हेतु सभी सोपानों को क्रमबद्ध नियोजित किया गया है। इस राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उद्देश्य व्यवहारिक रूप से छात्रों के लिए लागू हो इस उद्देश्य से कार्यशाला का आयोजन अत्यंत ही आवश्यक है। विशिष्ट अतिथि चंद्रचूड़ झा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा निर्मित शिक्षा नीति के उद्देश्यों को सभी विद्यालयों के द्वारा इस प्रकार का कार्यशाला का आयोजन करना चाहिए। शिक्षक राष्ट्र निर्माता होते हैं अतः उन्हें इस नीति के बारे में वृहद एवं व्यवहारिक ज्ञान होना अत्यंत ही आवश्यक है। यह नीति संपूर्ण देश के विकास हेतु अत्यंत ही लाभदायक होगा। विभाग प्रमुख विनोद कुमार ने इस अवसर पर कहा कि हमारा देश कभी विश्व गुरु था, विदेशों से छात्र यहां शिक्षा ग्रहण करने आते थे। निश्चय ही हमारे प्राचीन शिक्षा पद्धति में विशेषताएं होगी। आज हम स्वयं विदेशों में जाकर पढ़ते हैं। हमें पुनः विश्व गुरु बनने के लिए नई शिक्षा नीति के सभी पक्षों को जानना अत्यंत ही आवश्यक है। भारतीयता, नैतिकता, गुणवत्ता एवं उत्कृष्टता से युक्त राष्ट्र शिक्षा नीति पुनः देश को विश्व गुरु बनाएगा। अध्यक्षीय उद्बोधन में डाक्टर चंद्र भूषण सिंह ने कहा कि आज हमें इस प्रकार की राष्ट्रीय शिक्षा नीति का आवश्यकता है, जिससे बालकों में केवल डॉक्टर और इंजीनियर बनने की भूख नहीं हो बल्कि उनमें मानव सेवा, परोपकार, सहिष्णुता, क्षमा एवं देशभक्ति का भाव भी विकसित हो। अक्षरों का ज्ञान ही शिक्षा का उद्देश्य नहीं होता है। आज हमें ऐसे छात्रों का निर्माण करना है, जो परिवार, समाज एवं राष्ट्र के लिए समर्पित हो उनके मन में बड़ों के प्रति श्रद्धा, सम्मान समर्पण एवं त्याग का भाव हो। शिक्षा एवं साक्षरता में अंतर होता है, केरल में शिक्षा दर सबसे अधिक है परंतु स्तरीय एवं नैतिक शिक्षा के अभाव में वृद्ध आश्रम केरल में ही सबसे अधिक है। मंच संचालन उप प्रधानाचार्य अशोक कुमार मिश्र के द्वारा किया गया। नरगा संकुल के 07 विद्यालय एवं एक प्रशिक्षण महाविद्यालय से कुल 15 आचार्यों ने इस कार्यशाला में भाग लिया। मार्गदर्शक के रुप में उत्तम कुमार मिश्र ( गणपत राय) राजेश कुमार एवं शैलेंद्र तिवारी (आनंद राम) उपस्थित थे। इस मौके पर अमित आनंद, अनिल मिश्र मनोज गुप्ता आदि उपस्थित थे।

मीडिया प्रभारी
दीपक कुमार झा

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