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सन्हौला अंचल कार्यालय हल्का कर्मचारी वीरेंद्र लाल कुमार का ऑफिस बना दलालों का अड्डा वीरेंद्र कुमार लाल हल्का कर्मचारी का वेतन है बंद लेकिन 6 दलालों को दिए जाते हैं वेतन

भागलपुर जिले के सन्हौला अंचल कार्यालय विरेंद्र कुमार लाल हल्का कर्मचारी का ऑफिस बना दलालों का अड्डा ऐसे भ्रष्ट अधिकारी पर जिला प्रशासन कड़ी से कड़ी करवाई करें एक सवाल और बनता है जब हल्का कर्मचारी वेतन बंद है तो ड्राइवर और 6 स्टाफ को कहां से वेतन दिया जाता है ऐसा तो नहीं आम जनता को लूट के दिया जाता है जैसे कि 6 स्टाफ ड्राइवर जोकि सभी स्टाफ का कोई ऑथराइज्ड लेटर नहीं है तो यह किसके परमिशन से हल्का कर्मचारी के ऑफिस में बैठते हैं और दलालों का काम करते हैं इसका जिम्मेदार कौन है इसमें जिला प्रशासन ऐसे भ्रष्ट अधिकारी पर जल्द से जल्द करवाई करें और कड़ा शिकंजा कैसे अब यह किस क्षेत्र की है हम आपको यह भी बता देते हैं
भागलपुर जिले के सन्हौला प्रखंड मैं प्रखंड कार्यालय के बगल में जो प्रभारी अंचल निरीक्षक सह राजस्व कर्मचारी का जो कार्यालय है सनहौला प्रखंड राजस्व कर्मचारी का जो कार्यालय है अजब गजब कहानी है उस कार्यालय में राजस्व कर्मचारी तो एक है सिर्फ कर्मचारी महोदय लेकिन वहां कर्मचारी के पालतू दलाल अनेकों है जब 4 दिन लगातार निरीक्षण के बाद पांचवें दिन कर्मचारी से सवाल किया गया प्रत्येक दिन यह लोग आपके कार्यालय में क्या करते हैं तो पहले तो बोले यह लोग काम से आते हैं लेकिन बाद में कर्मचारी खुद बोलते हैं मैं इसमें से एक को अपने मोटरसाइकिल के ड्राइवर के लिए रखे हैं उसे 7000 प्रत्येक माह देते हैं और साथ ही 6 स्टाफ को रखे हैं जिसे ₹9000 प्रतिमाह देते हैं अब वहां के अंचलाधिकारी से मैं जानना यह चाहता हूं एक राजस्व कर्मचारी की वेतन कितनी है जो वह 25000 सिर्फ स्टाफ को सैलरी देते हैं अपने वेतन से ऐसे में वहां उपस्थित फरियादी ने बताया कि यह दलालों का अड्डा बना हुआ है और यहां पैसा देकर ही काम होता है हम सोचे कि बिना पैसा दिए काम कर आएंगे तो हमें साल भर से चक्कर काटना पड़ रहा है यही नहीं सन्हौला प्रखंड के राजस्व कर्मचारी इतने ज्ञानी हैं की एक पंचनामा जो सामने देखने मिला जो पंचनामा ग्राम पंचायत में सरपंच के द्वारा बनाया जाता है उनका मान्यता सुप्रीम कोर्ट तक है उसे राजस्व कर्मचारी गलत ठहराते हैं जो 1000 के स्टांप पेपर पर बना रहता है वहां के कर्मचारी इतने ज्ञानी हैं और इस राजस्व कर्मचारी को इतना अधिक वेतन मिलता है कि अपने वेतन से यह ₹25000 स्टाफ को देते हैं और प्राइवेट स्टाफ रखे हुए हैं इससे साफ स्पष्ट होता है की सन्हौला प्रखंड राजस्व कर्मचारी दलालों को पालता है और दलालों का जमावड़ा बना के रखा है बहुत सारे ऐसे काम है जिसका पूरा सबूत है कि राजस्व कर्मचारी सहारा कागज रहते हुए उसका काम नहीं करता है सिर्फ पैसे के लिए और हद तो तब हो जाती है जब एक ही पंचनामा एक ही बटवारा नामा और एक ही पिता का दोनों पुत्र एक गरीब और एक अमीर जो पैसा देता है उसका मोटेशन हो जाता है और जो नहीं पैसा देता उसका मोटेशन रद्द हो जाता है यह है सन्हौला क राजस्व कर्मचारी की हकीकत मैं अंचलाधिकारी से यह जानना चाहता हूं इस कर्मचारी का वेतन कितना है कैसे यह ₹25000 स्टाफ को दे रहे हैं सन्हौला प्रखंड के लगातार भ्रष्टाचार की खबर देखने के लिए आप खबर को देखते रहिए और अगर सन्हौला प्रखंड में भ्रष्टाचार से जुड़े आपके पास कोई भी सबूत हो तो आप मेरे नंबर पर बता सकते हैं और 74938211496-8377841496 कुछ भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाने में अपना भागीदारी भी निभा सकते हैं

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