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मजदूर की मौत पर इंसाफ को भटक रही विधवा

बांका कटियारी पंचायत

बांका

बांका) : कटियारी पंचायत गेहढा गांव निवासी स्व. लखीराम बेसरा की पत्नी इंसाफ के लिए दर-दर भटक रही है। मृतक की पत्नी मंजू हेंब्रम का आरोप है कि गांव के कुछ मजदूर एवं ठीकेदार ने आपसी विवाद में जहर देकर उसके पति को मार दिया। बीमारी से मर जाने की बात बता कर 12 लाख मुआवजा देने का आश्वासन दिया था, मगर डेढ़ लाख रुपया देकर पल्ला झाड़ लिया है। अब वह इंसाफ के लिए भटक रही है।विधवा मंजू का कहना है कि कागीसार गांव निवासी सुरेंद्र प्रसाद यादव गांव के कुछ मजदूरों के साथ उनके पति को भी मजदूरी के लिए आंध्र प्रदेश विशाखापट्टनम ले गया था। वहां की एक बड़ी कंपनी एलएनटी के कैंटीन में रसोइया के काम पर लगाया गया था। कुछ दिन बाद गांव के अन्य मजदूर के साथ ठेकेदार से भी लड़ाई झगड़ा होने की बात फोन उनके पति ने पर बताई गई थी। वहां माहौल सही नहीं होने के कारण मंजू ने अपने पति को घर वापस आने को कहा। मगर उसे आने नहीं दिया गया और इसी बीच उसकी एकाएक मौत की खबर आई गई। उस वक्त उसे बताया गया कि जब तक वह नहीं जाएगी उसके क्लेम के 12 लाख उसे नहीं मिलेंगे और ना ही लाश को घर लाने दिया जाएगा। मंजू ने बताया कि जब उसे वहां ले गया तो कई पेपर पर उससे अंगूठे के निशान लिए गए। उसके बाद ना तो उससे शव को देखने दिया और ना ही लाश वापस लाने दिया गया। उस वक्त भी बताया गया था कि जो होना था हो गया आगे मुआवजे की सारी राशि उसके बैंक खाते में दिया जाएगा। मगर अब तक मात्र एक लाख 40 हजार खाते में दिया गया है। पीड़ित महिला ने बताया कि घर का कमाऊ सदस्य गुजर जाने के बाद उनके पढ़ने वाले दो नाबालिग बच्चे का भविष्य अधर में लटक गया है। अगर समुचित मुआवजा मिल जाए तो उस पैसे से बच्चे को पढ़ा-लिखा कर काबिल बनाने के काम आएगा। शिकायत पर पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच कर हर संभव सहायता करने का आश्वासन दिया है।

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