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भागलपुर के हबीबपुर में अवैध बालू लदे ट्रैक्टर चालक से वसूली करते पुलिसकर्मी कैमरे में कैद, सिटी एसपी स्वर्ण प्रभात बोले जांचोपरांत दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई !

स्वर्ण प्रभात सिटी एस पी फ़ाइल भागलपुर

बिहार में नीतीश कुमार की सुशासन सरकार भले ही बालू के अवैध खनन पर लगाम लगाने के लिए एड़ी चोटी की जोर लगा दे लेकिन यहां पर कुछ भ्रष्ट पुलिसकर्मी और माफिया के बीच की मजबूत गठजोड़ इन सारे प्रयासों पर पलीता लगाने के लिए काफी है|इसी कड़ी में भागलपुर के दाऊदवाट – अमरपुर मुख्य मार्ग पर बायपास के समीप हबीबपुर थाना की पुलिस का भ्रष्ट चेहरा ओवरलोडेड बालू लदे ट्रैक्टर चालक से वसूली करते समय कैमरे में कैद हो गई है| बताया जा रहा है कि पिछले 31 अक्टूबर को अहले सुबह 6 बजे के करीब बायपास के समीप ओवरब्रिज के नीचे (अंडरपास में) हबीबपुर पुलिस की गस्ती टीम में शामिल एक जवान ओवरलोड अवैध बालू लदे ट्रैक्टर चालक से कुछ पैसा लेकर उन्हें बेधड़क बिना किसी रोक – टोक के जाने के लिए इशारा कर रहा था|वहीं पास में अन्य पुलिस कर्मी वहां से गुजरने वाले सभी ओवरलोडेड ट्रैक्टर को रोककर कार्रवाई करने के बजाय उससे इशारों में ही पैसा देने के लिए कह रहे थे|

वसूली के सवाल पर गस्ती टीम में शामिल जमादार ने साधी चुप्पी, सिटी एसपी ने कहा जांच के बाद होगी कार्रवाई !

वहीं पुलिस गस्ती टीम का नेतृत्व कर रहे सहायक अवर निरीक्षक (जमादार) उपेन्द्र तिवारी थाना की गस्ती गाड़ी में बैठकर वसूली के सारे खेल को बड़े ही आराम से और करीब से देख रहे थे| लेकिन अवैध बालू लदे वाहनों से वसूली के सवाल पर उन्होंने चुप्पी साध ली| इस बारे में पूछने पर उन्होंने कुछ भी नहीं कहा |
जबकि सिटी एसपी स्वर्ण प्रभात ने इस संबंध में मौखिक रूप से बताया कि उक्त वीडियो की जांच कराने के पश्चात वह इस वसूली में शामिल सभी दोषी पुलिसकर्मियों पर निश्चित रूप से सख्त कार्रवाई करेंगे|हालांकि उन्होंने इस दौरान आधिकारिक रूप से कुछ भी बोलने से मना कर दिया| वहीं अब यहां सवाल यह भी उठता है कि जिले में अवैध बालू के काले खेल में इस कदर पुलिसकर्मियों कि संलिप्ता पाए जाने के बाद भी आलाधिकारी कैसे सारे मामले से अभी तक अनजान बने बैठे हैं|
इससे पूर्व भी इसी साल लगभग जुलाई महीने में बायपास रोड में ग्लोकल अस्पताल के समीप सड़क के समीप ट्रक चालकों से अवैध वसूली का वीडियो वायरल हुआ था। इसमें रोचक यह था कि पुलिस खुद ट्रक चालकों से पैसे नहीं ले रही थी, बल्कि इसके लिए कुछ निजी लोगों को रखा गया था। वहीं वह अवैध वसूली का वह वीडियो एक कार सवार ने बनाया था। जहां पर ट्रक से निजी व्यक्ति अवैध वसूली कर रहा था। वहीं उक्त वायरल वीडियो में वसूली वाले स्थान से करीब पांच कदम की दूरी पर गाड़ी लगाकर पुलिस भी मौजूद दिख रही थी। वायरल वीडियो में दावा किया गया था कि वह वीडियो ओद्योगिक थाना (जीरोमाइल) क्षेत्र का था, और उस दौरान ओद्योगिक थाना में उस समय पदस्थापित एक एआसआई सहयोगियों के साथ मौके पर खड़े थे। हालांकि एसएसपी निताशा गुड़िया ने उस मामले में जांचोपरांत दोषियों पर कार्रवाई करने की बात भी कही थी|

इससे पूर्व अवैध बालू के काले खेल में नप चुके हैं पुलिस के कई आलाधिकारी !

अवैध बालू के काले खेल में अभी कुछ महीना पहले ही पुलिस के कई आलाधिकारी नप चुके हैं| आईएपीएस रैंक के अधिकारी समेत डीएसपी और दरोगा पर कार्रवाई हो चुकी है| बावजूद इसके भागलपुर की कुछ पुलिस पूर्व में हुई कार्रवाई से सबक लेने के बजाय ऐसे काले कमाई को इकट्ठा करने में लगे हुए हैं| वहीं स्थानीय लोगों की मानें तो सूर्योदय से पहले जगदीशपुर थाना, बायपास टीओपी, मधुसुदनपुर ओपी, बबरगंज थाना , मोजाहिदपुर थाना, सबौर थाना समेत कई थाना क्षेत्रों से बेधड़क अवैध बालू लदे ओवरलोड ट्रेक्टर और बोरी में अवैध बालू लिए जुगाड़ गाड़ी का काफिला सड़कों पर चलता है|

यही नहीं अब बालू माफिया समय के साथ नए – नए हथकंडे भी अपनाने लगे हैं|अवैध बालू लदे ट्रैक्टर पर किसी बड़े अधिकारियों के कार्रवाई के भय से बालू माफिया अब प्रतिबंधित जुगाड़ गाड़ी के भरोसे बालू की अवैध तस्करी धड़ल्ले से कर रहा है| एक जुगाड़ गाड़ी पर तकरीबन 40 बोरी बालू लोड होता है| वहीं ढाई जुगाड़ गाड़ी यानी कि 100 बोरी बालू को ये बालू माफिया ट्रैक्टर में डालकर एक सेफ्टी बताकर उसे ऊंची कीमत में बाजार में बेच देते हैं| लेकिन पुलिस की गस्ती टीम इस तरह के अवैध रूप से फल – फूल रहे बालू कारोबार पर पूर्णतः लगाम लगाकर बालू माफियाओं पर कार्रवाई करने के बजाय वसूली के माध्यम से अपनी जेब भरते हैं|वहीं इन सब के बीच अब देखना यह दिलचस्प होगा की इस कदर वसूली कर रहे पुलिसकर्मियों पर क्या कार्रवाई होती है? या फिर इन भ्रष्ट पुलिसकर्मियों को बचाने के लिए बात करवाई पर ही सिमट जाएगी यह तो आने वाले समय में पता चलेगा !

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