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बाँका । वैश्विक बीमारी कोरोना को देखते हुए भी मकर संक्रान्ति का पर्व में भक्तजनों एवं आमजनों का उत्साह कोरोना पर भारी पड़ रहा है।

बांका बिहार


मंदार पर्वत के तलह्टी में स्थित पापहरणी तालाब के समीप सफा धरमांवलंवियों का जमघट दो दिन पहले से ही लगना शुरू हो गया था। बंगाल, झारखंड, नेपाल आदि स्थानों से यहाँ सफा धर्मावलंबी इस ऐतिहासिक पापहरणी सरोवर में स्नान करने के बाद मंदार पर्वत के एक कुनवे में स्थापित अपने इष्ट देव भगवान शिव और श्रीराम की पूजा-पाठ कर पर्वत वंदन एवं पर्वत परिक्रमा करते हैं। इस वार मदिर बंद होने के कारण भी इनके आस्था पर उत्साह का रथ गतिशील बना रहा। देर रात तक सफेद वस्त्रों में लिपटे सफा धरमांवलंवियों से मंदार पटा हुआ है। भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन के निर्देशानुसार सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दिया गया है।
मंदार पर्वत के शिखर स्थित जैन मंदिर में जैन धर्म कै 12 वें तीर्थंकर भगवान वासुपूज्य के पादुका चिन्ह हैं। इसलिए यहाँ पर सालोंभर जैन तीर्थ यात्रियों आना भी लगा रहता है। जैन धर्मावलंबी मानते हैं कि वासुपूज्य जन्मस्थल पड़ोस के भागलपुर जिला के चंपानगर से यहाँ भी आए थे, इसलिए यहाँ मंदार पर्वत पर स्थित मंदिर जैन धरमांवलंवियों का पवित्र धर्म स्थल है।

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