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जगदीशपुर भागलपुर बिहार

राजधानी से सरकार भले ही बालू माफिया के खिलाफ दबिश देने के लिए अधिकारियों पर दबाव दे रही हो पर भागलपुर जिले के जगदीशपुर प्रखंड में बालू माफिया दिन रात अवैध बालू की खुदाई कर उसे भारी मुनाफे लेकर बेचने में मदमस्त है. जिसमें स्थानीय पुलिस प्रशासन का बालू माफिया को पूरा सहयोग मिल रहा है आप समझ सकते हैं कि किस तरह बालू से न केवल माफिया बल्कि स्थानीय पुलिस के अधिकारी भी मालामाल होते जा रहे हैं. वर्तमान में जबकि बालू घाटों से बालू ले जाना प्रतिबंधित है इसके बावजूद बालों की अवैध धुलाई हो रही है इसी अबेध धुलाई के क्रम में देर रात जगदीशपुर प्रखंड के सैदपुर घाट पर एक ट्रैक्टर के पलट जाने से चालक सह ट्रैक्टर मालिक अमित यादव की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई बताया जाता है कि अन्य सभी ट्रैक्टर के साथ हमेशा की तरह बालों की अवैध धुलाई की जा रही थी. आज उनका चालक नहीं आया था जिस कारण वह स्वयं आज चला गया. कुंहासे के कारण बांध पर दिखाई नहीं दिया और बारह बजे रात्रि में एक निर्दोष की जान चली गई. देर रात हुए इस हादसे के कारण जहाँ बांध पर का संकरा रास्ता बना जिसमें इंजन के दबने से मौके पर हीं अमित यादव की मृत्यु हो गई. अमित यादव जगदीशपुर प्रखंड के गोनुधाम तरडीहा गांव निवासी कामेश्वर यादव का इकलौता पुत्र था. स्थानीय लोगों ने बताया कि प्रशासन के बालू माफिया पर रोक नहीं लगा पाने के कारण आज घने अंधेरे में एक निर्दोष की जान चली गई. मृतक के परिजन का रो रो कर बुरा हाल था. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. वही आप देख सकते हैं कि किस तरह देर रात एवं अहले सुबह बालू की ट्रैक्टर धड़ल्ले से सड़क पर चलती है जिसमें पुलिस प्रशासन की सेटिंग ऐसी रहती है कि आम लोगों को कुछ पता नहीं चल सके जबकि सड़क पर पुलिस की गश्ती होती रहती है इसके बावजूद अवैध धुलाई पर प्रतिबंध क्यों नहीं लग सकता है यह तो वरीय पुलिस पदाधिकारी ही बता सकते हैं क्योंकि स्थानीय पुलिस प्रशासन की तो इसमें मिलीभगत रहती ही है. इस बालू की अवैध ढुलाई के बाबत जब नाथनगर के विधायक अलीअशरफ सिद्धकी से हमारे संवाददाता ने बात की तो उन्होंने कहा कि बालू की धड़ल्ले से अवैध खनन एवं बिक्री यहां की जाती है. यही समाज के लोग इसके लिए जिम्मेवार हैं बालू की ढुलाई तो आसपास के लोगों द्वारा ही की जाती है. यहां कोई विदेश से तो लोग बालू चुराने नहीं आते हैं. वही बालू के मामले पर पुलिस प्रशासन निष्क्रिय नजर आती है जिस कारण बालू की ढुलाई अवैध तरीके से धड़ल्ले से की जा रही है सरकार को भी आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि नदी के दोहन से किसानों का बहुत नुकसान हो रहा है. उन्होंने विधानसभा में यह मामला उठाने की बात कही है.

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