BhagalpurPatna

राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर दो दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षक कार्यशाला



दिनांक 31.10.2021 दिन रविवार को भारती शिक्षा समिति के तत्वावधान में गणपतराय सलारपुरिया सरस्वती विद्या मंदिर के प्रांगण में राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर भागलपुर विभाग के प्रधानाचार्यों एवं आचार्यों का दो दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षक कार्यशाला का उद्घाटन आई आई आई टी भागलपुर के निदेशक अरविंद कुमार चौबे,डायट भागलपुर के प्राचार्य डॉ राकेश कुमार, भागलपुर विभाग के सह प्रमुख विनोद कुमार, आनन्दराम के प्रधानाचार्य अनंत कुमार सिन्हा एवं विद्यालय के प्रधानाचार्य रामजी प्रसाद सिन्हा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर प्रारंभ किया।
डाॅ राकेश कुमार ने कहा कि नई शिक्षा नीति 86 में आई किंतु 2020 में इसे पेशेवर की विधि में माना गया। शिक्षक शब्द व्यक्तिगत नहीं है समाजिक है। शिक्षक का विकास समाज, राज्य, देश ,विश्व तक पहुंचाना है। आवश्यकतानुसार परिणाम प्रस्तुत नहीं कर पा रहे हैं लोगों के निरीक्षण में दक्षता नहीं मिल पा रही है इसलिए यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लाया गया। शिक्षक महत्वपूर्ण है स्वतंत्रता के बाद या पूर्व सभी आदर्श नीतियों पर आधारित है। परिणाम नहीं मिलने के कारण नई शिक्षा नीति लानी पड़ी। नई शिक्षा नीति में शिक्षक को उन चीजों को ढूंढना चाहिए। शिष्ट को इष्ट की तरह विशिष्टता की ओर बढ़ना चाहिए। नई शिक्षा नीति के माध्यम से शिक्षकों को वर्ष में कम से कम 50 घंटे कोर्स करने की आवश्यकता है। शिक्षक को शालीनता, क्षमतावान, कर्मशील होना चाहिए। उन्होंने कहा प्रतिदिन लक्ष्य निर्धारित कर लक्ष्य के साथ आगे बढ़े। किसी कार्य को करने का विकल्प शिक्षार्थी के पास हो तथा शिक्षार्थी को उसे पूर्ण कराने का प्रयास करना चाहिए ।वर्तमान समय में टेक्नोलॉजी समृद्ध होते हुए दूसरों को समृद्ध करने का अवसर प्रदान करता है। शिक्षक को पढ़ाने के लिए पढ़ना अनिवार्य है क्योंकि प्रत्येक दिन का रणनीति तैयार करना है। प्रयोग के लिए तत्पर रहना होगा । हमें उन सभी विधाओं को अपडेट करना होगा जिससे बालक को सही शिक्षा और सही दिशा मिल सके।
अरविंद कुमार चौबे ने सर्वप्रथम अपने बारे में बताया एवं अपने संस्था के बारे में बताया। हम लोगों को अपने में बदलाव करने की आवश्यकता है। पाठ्यक्रम के बारे में चर्चा की। उन्होंने कहा बच्चों के भाव को समझना होगा अपने अंदर इतनी क्षमता बढ़ानी है कि बच्चे आपको खोजें। अपने अंदर भावना लाइए की एनपी राष्ट्रीय शिक्षा नीति का प्रशिक्षण ले लिए हैं और इसके अनुरूप विद्यालय जाकर कार्य करेंगे। आप विद्यालय से विद्यार्थी जो बाहर कोचिंग में पैसा देकर पढ़ रहे हैं वैसे बालकों को दीजिए हमारे संस्था के फैकेल्टी वाले और वहां के छात्र उन विद्यार्थियों को पढ़ने में मदद करेंगे और उन्हें आगे बढ़ाने में मदद करेंगे।
भागलपुर विभाग के विभाग का प्रमुख विनोद कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा शिक्षक के कार्य एवं शिक्षक के गुण सीखने इस कार्यशाला में उपस्थित हुए हैं ।
प्रधानाचार्य रामजी प्रसाद सिन्हा ने कहा की पढ़ाई के क्षेत्र में बारीकियों से परिचय कराना, तकनीकी और शिक्षण विधि को जानना जरूरी है। कहां पर तकनीकी का प्रयोग करना चाहिए यह जरूरी है। शिक्षण को क्या संज्ञा दिया जाए यह पहचानना जरूरी है हमें लर्निंग को सीखना है प्रभावी शिक्षण एवं टीचिंग को जानना और छात्रों के मन को तैयार करना है। आज के वर्तमान समय के लर्निंग को समझने की आवश्यकता है।
अतिथि परिचय आनन्दराम के प्रधानाचार्य अनंत कुमार सिन्हा द्वारा एवं मंच संचालन बौंसी के प्रधानाचार्य संजीव झा द्वारा किया गया।
आज का प्रशिक्षण चार सत्रों में सम्पन्न हुआ।
इस अवसर पर डाॅ राकेश कुमार, अरविंद कुमार चौबे, विनोद कुमार, रामजी प्रसाद सिन्हा,अनंत कुमार सिन्हा,संजीव झा,अजीत पांडे, नीरज कौशिक,संजय सिंह, शैलेंद्र सिंह, जितेंद्र प्रसाद, दीपक कुमार,अजय कुमार, अभिजीत आचार्य, संतोष आनन्द, सुमित रौशन, केशव कुमार मिश्र, शशि भूषण मिश्र, विजय कुमार झा, लूसी कुमारी, कविता पाठक एवं भागलपुर विभाग से लगभग 80 शिक्षक प्रशिक्षण हेतु उपस्थित थे।
मीडिया प्रभारी
शशि भूषण मिश्र

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