BhagalpurPatna

भागलपुर,दिनांक:02/11/2021

भागलपुर बिहार


आज दिनांक:02/11/2021 को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सूचना एवं जनसंपर्क विभाग,बिहार पटना के सौजन्य से “जल-जीवन-हरियाली” विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया।वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित परिचर्चा के अवसर पर परिचर्चा में भाग लेने हेतु आमंत्रित सदस्यो ने जल-जीवन-हरियाली अभियान के उद्देश्यों एवं अभियान अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।उक्त अवसर पर सहायक निदेशक,शस्य,कृषि निदेशालय,बिहार पटना ने पर्यावरण संरक्षण हेतु कृषि विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यो के संबंध में जानकारी दी गई।उन्होंने बताया कि फसल अवशेष अग्नि के माध्यम से नष्ट किया जाना पर्यावरण हितों के सर्वथा प्रतिकूल होता है,तदनुसार पर्यावरण संरक्षण हेतु यह आवश्यक है कि फसल अवशेष के समुचित प्रबंधन की दिशा में प्रभावशाली कारवाई की जाए।जानकारी दी गई कि फसल अवशेष के समुचित प्रबंधन के संबंध में जागरूकता के उद्देश्य से पंचायतवार कृषि विभाग के सौजन्य से जागरूकता रथों का परिचालन किया जा रहा है।फसल अवशेष के समुचित एवं पर्यावरण अनुकूल प्रबंधन की दिशा में ठोश कारवाई के संबंध में विचार विमर्श के उद्देश्य से जिलाधिकारी की अध्यक्षता में अंतर्विभागीय कार्य समूह का गठन किया गया है।अंतर्विभागीय कार्य समूह द्वारा फसल अवशेष के समुचित प्रबंधन हेतु रणनीति बनाई जायेगी।परिचर्चा में भाग ले रहे अपर मुख्य वन संरक्षक,पर्यावरण एवं वन विभाग,बिहार पटना ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण,जल संरक्षण, ऊर्जा संरक्षण एवं अन्य बहुआयामी लक्ष्यों की प्राप्ति के उद्देश्य से संचालित जल-जीवन-हरियाली अभियान के साथ साथ हरित क्षेत्र विस्तार हेतु पूर्व में संचालित अभियानों के फलस्वरूप राज्य के वन क्षेत्र में उत्साहजनक विस्तार दर्ज की गई है।साथ ही पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से संचालित वृक्षारोपण अभियान में आम नागरिकों की उत्साहजनक भागीदारी एवं जीविका, कृषि विभाग के सहयोग एवं समन्वय से करोड़ो की संख्या में पौधारोपण किया गया है। मुख्य अभियंता,लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग,बिहार ने बताया कि मानव जीवन में जल की महत्ता को देखते हुए जल संरक्षण की दिशा में प्रभावशाली कारवाई समयोचित है।उन्होंने बताया कि विकसित बिहार के सात निश्चय अंतर्गत संचालित नल जल योजना के फलस्वरूप लगभग नब्बे प्रतिशत से अधिक घरों में नल जल की सुविधा उपलब्ध है।जीवन में जल की महत्ता को एवं भू गर्भ जल स्तर में ह्रास की संभावना को दृष्टि में रखते हुए जल संरक्षण हेतु आम नागरिकों को जागरूक किया जाना जाना वर्तमान परिपेक्ष्य में नितांत आवश्यक है।परिचर्चा क्रम में मुख्य अभियंता, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण द्वारा विभागीय स्तर पर जल संरक्षण हेतु किए जा रहे प्रयासों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।अवगत कराया गया कि जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत जल संरक्षण के उद्देश्य से यथोचित स्थलों पर सोखता का निर्माण कराया जा रहा है,साथ ही सार्वजनिक जल संरचनाओ के अतिक्रमनमुक्ति/जीर्णोद्धार की दिशा में निरंतर कारवाई की जा रही है।सूचना एवं जन संपर्क विभाग,बिहार पटना के सौजन्य से जल-जीवन-हरियाली जागरूकता अभियान विषयक परिचर्चा कार्यक्रम का संचालन विभागीय उप सचिव,श्री संजय कृष्ण द्वारा किया गया।परिचर्चा प्रारम्भ करते हुए,उन्होंने वर्तमान परिपेक्ष्य में जल-जीवन-हरियाली अभियान के उपादेयता के संबंध में जानकारी दी।उन्होंने बताया कि हरित गृह प्रभाव एवं विबिध गतिविधियों के फलस्वरूप गंभीर पर्यावरणीय संकट मानव अस्तित्व के समक्ष चुनौती के रुप मे उपस्थित हुआ है जिसका समयोचित निवारण मानव अस्तित्व हेतु नितांत आवश्यक है।वर्तमान में संचालित जल-जीवन-हरियाली अभियान पर्यावरण संरक्षण,जल संरक्षण,ऊर्जा संरक्षण एवम अन्य जनहितकारी लक्ष्यो की प्राप्ति की दिशा में ठोश प्रयास है।सूचना एवं जसनसम्पर्क विभाग, के सचिव महोदय की अध्यक्षता में आयोजित परिचर्चा के अवसर पर धन्यवाद ज्ञापन सहायक निदेशक, श्री लाल बाबू सिंह द्वारा किया गया।सभी जिला ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से परिचर्चा में शिरकत की।परिचर्चा के दौरान समाहरणालय स्थित समीक्षा भवन में उप विकास आयुक्त, सिविल सर्जन,नगर आयुक्त,जिला जन सम्पर्क पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित उपस्थित थे।

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