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बिहार राज्य पुल निर्माण आदमपुर स्थित ऑफिस की स्थिति काफी दयनीय

भागलपुर बिहार

अगर आप बिहार राज्य पुल निर्माण के आदमपुर स्थित ऑफिस में जा रहे हैं तो हो जाए सतर्क वहां के लेखापाल साहब लगा सकते हैं बदतमीजी और चोरी करने का आरोप। बिहार राज्य पुल निगम निर्माण आदमपुर स्थित कार्यालय में कार्यालय समय अनुसार किसी की मौजूदगी नहीं थी ,सारे कमरे खाली थे।खबर इक्कठा करने के ख्याल से कार्यालय के पत्रकार वहां पर पहुंचे थे। लेकिन वहां कोई नहीं मिला। प्राप्त जानकारी के अनुसार वरीय कार्यपालक अभियंता मीटिंग के लिए पटना गए हुए थे,हालांकि यह जानकारी वहां मौजूद लेखापाल से ही मिली।जिसके बाद अंदर से आवाज आने के पत्रकार द्वारा गेट को दो बार खट खटाया गया, तो अंदर से आवाज आई कौन हो और क्यों आए हो इसपर बाहर खड़े पत्रकार द्वारा कहा गया हम पत्रकार है। इसके बाद जैसे ही अंदर में मौजूद शख्स जो बिहार राज्य पुल निर्माण कार्यालय के लेखापाल राजेश कुमार शर्मा हैं, वो बाहर निकले और बदतमीजी से बात करने लगे तुम कौन हो क्यों आए हो।बाहर में गार्ड ने तुम्हें रोका क्यूं नही। इस पर वहां के मौजूद पत्रकार ने कहा अगर गार्ड रहता तो पूछ कर ही अंदर आते हैं जिस पर उन्होंने और बदतमीजी करते हुए देख लेने की भी बात कही। जिसके बाद पत्रकार द्वारा उनसे सवाल पूछा गया कि आप ऑफिस के में इस कपड़े में क्यों है तो वह और आग बबूला हो उठे और पत्रकारों पर चोरी करने का आरोप लगाने की बात कहने लगे। बढ़िया पदाधिकारी का नंबर मांगने पर भी उन्होंने नहीं दिया और नीचे जाने की बात कही।ड्यूटी आवर में बिना लंच के की वहां कार्यलय में काम कर रहे कर्मचारी अपने आवास में खाना खा रहे। वहीं दरबान भी बिना गंजी के कार्यालय के समय में नजर आया।चोरी की बात कही जाने के बाद वहां मौजूद पत्रकारों ने खुद आदमपुर थाना के एसएचओ को फोन करके इसकी जानकारी दी और आने की बात कही जिस पर वहां मौजूद लेखापाल ने एक पत्रकार से आईडी मांगी तो उसने दे दिया उसके बाद वह आईडी देने में आनाकानी करने लगे और आईडी का फोटो खींचकर और पत्रकारों के गाड़ी की फोटो खींचकर उसने अपने पास रख ली। बाकी कुछ देर बाद उन्होंने जाने को कहा इस दौरान उनकी बात से ऐसा प्रतीत हो रहा था कि वो लेखापाल न होकर बिहार राज्य पुल निगम निर्माण के कोई वरीय पदाधिकारी या सचिव हैं। अगर ऐसी स्थिति पत्रकारों के साथ उत्पन्न होती है,तो अगर कोई आम आदमी अपना शिकायत लेकर बिहार पुल निगम निर्माण लिमिटेड में जाता है तो यह कर्मचारी उन पर झूठा आरोप लगाने में तनिक देर नहीं करेंगे। दूसरी बात इतनी बड़ी ऑफिस होने के बाऑफिस कार्यालय परिसर में कहीं भी सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए हैं। जो यहां के कर्मचारी के निकम्मे छुपाने की सबसे बड़ा कारण है।

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