BhagalpurPatna

आज दिनांक 30 अक्टूबर 2021 को भागलपुर स्टेशन परिसर में परिधि संस्था की नाट्य प्रस्तुति ” एक था राजा एक थी रानी ” की प्रस्तुति हुई ।

भागलपुर बिहार

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उदय एवम ललन लिखित तथा उदय निर्देशित यह नाटक आज की विकास नीति पर सवाल खड़ा करता है । हमने अपनी सुविधाओं की आड़ में अपनी लिप्सा और उपभोग को बढ़ाया है ।  इस विकास ने हमारे जंगल, नदी और जमीन की बलि ली है । बिजली के लिए हाईड्रॉल पावर,थर्मल पावर और एटॉमिक पावर को बढ़ावा दिया है । फलस्वरूप नदियां बांधी गई ,पहाड़ तोड़े गये और जंगल काटे गये । ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन की समस्या  इन्हीं कारनामों से पैदा हुई है । मनुष्य केंद्रित विकास के बजाय मुनाफा और कॉरपोरेट केंद्रित विकास को सत्तासीनों ने बढ़ावा दिया है, जिसका दंश सम्पूर्ण मनुष्य समाज झेल रहा है । जनता जब इन नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने लगती है तो उनके बीच भावनात्मक मुद्दे फेंक दिया जाता । इस नाटक में राजा और रानी सत्ता के प्रतीक हैं। नाटक के राजा, रानी, बाबा और मंत्री जैसे पात्र दर्शकों को राजशाही का भान कराते हैं । नाटक का अंत सुखद होता है । नदी ,पानी ,पहाड़ और जंगल के समाप्त होने के बाद बाढ़ सुखाड़, अकाल और महामारी की स्थिति आती है तो जनता विद्रोह कर उठती और अंत में लोग ऐसी सत्ता को ध्वस्त कर जनसत्ता स्थापित करने को प्रयत्नशील होते हैं । परिधि पीस सेंटर द्वारा प्रस्तुत नाटक में राजा के तौर पर राहुल ने रानी की भूमिका में लाडली राज, बाबा के रूप में ललन और मंत्री के रुप में सार्थक भरत ने भूमिका निभाई। वहीं पेड़, जंगल, महल आदि दृश्य को अभिषेक तिवारी, डॉली, कोमल, ललन, अमन, मुस्कान,कृष्णा आदि ने जीवंत बनाया। गीत और संगीत संयोजन बिनय कुमार भारती ने किया।

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